Tuesday, April 2, 2019

लेह में सेना ने सिंधु नदी पर 40 दिन में बना दिया 260 फीट का सस्पेंशन ब्रिज

श्रीनगर. भारतीय सेना के जवानों ने इंजीनियरिंग की मिसाल कायम की है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लेह में सिंधु नदी पर 260 फीट लंबा सस्पेंशन ब्रिज महज 40 दिन में बना दिया। इस नदी पर बना यह सबसे लंबा संस्पेंशन ब्रिज है। सोमवार को यह मैत्री ब्रिज आम लोगों के लिए खोल दिया गया। इस मौके पर लोगों ने सेना का शुक्रिया अदा किया।

यह पुल लेह के लोगों और सेना के संबंधों का प्रतीक
सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर के कॉम्‍बेट इंजीनियर्स ने यह पुल लेह के छोग्‍लाम्‍सार गांव में बनाया है। यह पुल लेह-लद्दाख क्षेत्र में सेना और आम जनता के बीच संबंधों का प्रतीक है। इसलिए इसे मैत्री पुल नाम दिया गया है। इस पुल को बनाने में करीब 500 टन उपकरण और निर्माण सामग्री यहां लाई गई।

89 साल के सेवानिवृत सैनिक नायक फुंचोक आंगदस और 1947 से लेकर कारगिल युद्ध में हिस्सा ले चुके पूर्व सैनिकों ने सोमवार को इस पुल का उद्घाटन किया। इस मौके पर सेना और स्थानीय प्रशासन के कई अफसर मौजूद रहे।

लद्दाख के 3 गांवों के लिए मददगार रहेगा यह पुल
मैत्री पुल के बनने से लद्दाख के लोगों को बड़ी राहत मिली है। यह पुल लद्दाख के तीन सबसे बड़े गांवों छोग्‍लाम्‍सार, स्‍तोक और छुछोत के लोगों के लिए मददगार साबित होगा।

a'10 सेमी के 60 टुकड़े ट्रैक किए गए'
नासा प्रमुख जिम ब्राइडनस्टाइन अपने कर्मचारियों को संबोधित कर कर रहे थे। उन्होंने कहा, "हम भारतीय सैटेलाइट के टुकड़ों को ट्रैक करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अब तक हमने 10 सेमी या उससे बड़े 60 टुकड़ों को ट्रैक किया है।" यह सैटेलाइट आईएसएस से नीचे स्थित था।

ब्राइडनस्टाइन के मुताबिक, "24 टुकड़े आईएसएस के पास चक्कर लगा रहे हैं, यह खतरनाक साबित हो सकते हैं। चिंता की बात यह है कि सैटेलाइट नष्ट किए जाने के बाद मलबा आईएसएस के ऊपर पहुंच गया है। इस तरह की गतिविधियां भविष्य में मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए अच्छी साबित नहीं होंगी। यह हमें स्वीकार्य नहीं है। नासा का रुख इस मामले में काफी स्पष्ट है।"

वहीं, अमेरिकी सेना के मुताबिक- अब तक 10 सेमी से बड़े करीब 23 हजार टुकड़े ट्रैक किए गए हैं। ये टुकड़े मलबे के रूप में फैले हैं। इनमें 3 हजार टुकड़े 2007 में चीनी एंटी-सैटेलाइट टेस्ट में निकले थे।

नासा चीफ ने यह भी कहा कि आईएसएस से टुकड़ों के टकराने का खतरा 44% तक बढ़ चुका है। हालांकि यह खतरा समय के साथ कम हो जाएगा क्योंकि वायुमंडल में प्रवेश के साथ ही मलबा जल जाएगा।

Tuesday, March 26, 2019

राहुल के वादे में नई बात, 72 हजार रुपए सालाना घर की गृहिणी के खाते में जाएंगे

नई दिल्ली. देश के पांच करोड़ अति गरीब परिवारों को सालाना 72 हजार रुपए मदद देने वाले कांग्रेस के वादे में एक दिन बाद ही मंगलवार को नई बात कही गई। कहा गया कि यह पैसा घर की गृहिणी के खाते में डाला जाएगा। इससे पहले सोमवार को राहुल गांधी ने पहली बार न्यूनतम आय गारंटी योजना की विस्तृत जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि न्यूनतम आय की सीमा 12 हजार रुपए होगी। हिंदुस्तान के 20% सबसे गरीब परिवारों की न्यूनतम आय 12 हजार रु. महीना तय होगी। योजना के तहत अगर किसी परिवार की मासिक आय 6 हजार है तो वेतनांतर 6 हजार सरकार देगी।

कांग्रेस प्रवक्ता सुरजेवाला ने मंगलवार को कांग्रेस की घोषणा पर दोबारा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा, ‘‘यह टॉपअप स्कीम नहीं है, 5 करोड़ परिवार और 25 करोड़ लोगों को 72 हजार रुपए सालाना मिलेगा। यह महिलाओं पर केंद्रित योजना है। कांग्रेस महिलाओं के खातों में पैसे जमा कराएगी। योजना गरीबी दूर करने के लिए अहम होगी। हम गरीबों के साथ न्याय करना चाहते हैं।’’ 

‘मोदीजी पाखंड के पर्याय हैं’
सुरजेवाला ने कहा, ‘‘मोदीजी से पूछना चाहता हूं कि क्या आप न्याय के विरोधी हैं? आपके नेता इस योजना का विरोध कर रहे हैं। मोदीजी पाखंड के पर्याय बन गए हैं। आप कुछ अमीरों को पैसे दे सकते हैं, लेकिन गरीबों को नहीं।’’

राहुल ने कहा, ''यह ऐतिहासिक योजना है। अगर नरेंद्र मोदी देश के सबसे अमीर लोगों को पैसा दे सकते हैं, तो कांग्रेस सबसे गरीब लोगों को पैसा दे सकती है। तीन राज्यों में कांग्रेस ने वायदा किया था। 10 दिन में कर्जा माफ होगा। मैं यहां भी कह रहा हूं, वायदा पूरा होगा। पहले पायलट प्रोजेक्ट चलेगा। फिर पूरी स्कीम चलेगी।''

''प्रधानमंत्री आपसे कहते हैं कि उन्होंने किसानों को पैसा दिया। 3.5 रुपए उन्होंने किसानों को दिए। आपको गुमराह किया जा रहा है। कुछ लोगों को लाखों करोड़ों रुपए दिए जा रहे हैं। 5 करोड़ परिवारों और 25 करोड़ लोगों को डायरेक्ट इस स्कीम का फायदा मिलेगा।'' 

''न्यूनतम आय की सीमा और लोगों की कमाई का अंतर गरीबों को मिलेगा। मतलब अगर किसी परिवार की सैलरी 6 हजार है तो 12 हजार में से जितना कम पड़ेगा उतना सरकार देगी। हमने पहले मनरेगा दिया था, अब इस योजना को भी पूरा करेंगे।''

21वीं सदी में गरीब रहें, कांग्रेस को यह मंजूर नहीं

राहुल ने कहा कि देश का एक झंडा है और प्रधानमंत्रीजी की राजनीति से दो हिंदुस्तान बन रहे हैं। एक अनिल अंबानी जैसों का और दूसरा गरीबों का। हमने लाखों लोगों से बात कर के अपना घोषणापत्र बनाया है। कांग्रेस को यह मंजूर नहीं है कि 21वीं सदी में भारत में गरीब रहें। अब अमीरों और गरीबों का हिंदुस्तान नहीं रहेगा। यह सबका बराबर हिंदुस्तान होगा।

अफसर समेत 7 लोग गिरफ्तार
अल्पसंख्यक समुदाय ने रविवार को कराची में प्रदर्शन किया था। इसके बाद सुषमा स्वराज ने पाक स्थित भारतीय उच्चायोग से मामले की जानकारी मांगी थी। पुलिस ने सोमवार को काजी समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

होली की शाम (21 मार्च) कुछ लोगों ने रवीना और रीना का उनके घर से अपहरण कर लिया था। दोनों बहनें सिंध प्रांत के घोटकी जिले की रहने वाली हैं। उनकी जबरन शादी कराने से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए थे। एक वीडियो में लड़की ने कहा था कि उसे जबरन इस्लाम कबूल कराया गया।

बीजिंग. चीन के कस्टम विभाग ने उन 30 हजार मानचित्रों को नष्ट कर दिया, जिनमें अरुणाचल प्रदेश और ताइवान को उनके कब्जे में नहीं दिखाया गया था। इन वैश्विक मानचित्रों की छपाई चीन में ही हुई थी। चीनी के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि सारे नक्शे किसी अज्ञात देश में भेजे जाने थे।

Wednesday, March 20, 2019

श्रीदेवी, दीपिका से लेकर नीता अंबानी को साड़ी पहनाने वाली

दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा और ईशा अंबानी समेत तमाम हस्तियों ने धूमधाम से अपनी शादियां कीं.

इस दौरान उनकी ड्रेसेज़, साड़ियां और गाउन काफ़ी चर्चा में रहे.

लेकिन क्या आपको पता है कि नीता अंबानी जैसी शख्सियत को साड़ी पहनाने वाली महिला कौन है?

ये महिला डॉली जैन हैं जो ईशा अंबानी, दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा, सोनम कपूर की शादियों में सभी मौकों पर साड़ी और लहंगा पहनाने का काम कर चुकी हैं.

लेकिन सिनेमा जगत की तमाम सेलिब्रिटीज़ को साड़ी पहनाने वाली डॉली जैन को कभी साड़ी पहनना बिलकुल पसंद नहीं था.

साड़ी के नाम पर आता थारोना

बीबीसी से खास बातचीत में डॉली जैन कहती है कि, "मैं बंगलौर में पली बढ़ी हूँ. मैं सिर्फ जीन्स, टीशर्ट, स्कर्ट्स में ही रहती थी लेकिन जब मेरी शादी कोलकाता में हुई तब मुझे पता चला कि मुझे ससुराल में सिर्फ साड़ी ही पहनने की अनुमति है."

"ये जानने के बाद में बहुत रोई थी. मुझे साड़ी पहनने में घंटों लगते थे. मैं हमेशा इसी बात पर रोती थी कि मेरे ससुराल वाले कैसे हैं…लेकिन तब मैंने इसे अपनी मजबूरी समझकर साड़ी पहनना शुरू कर दिया और सोचा कि अगर मुझे यही पहनना है तो मुझे इसे स्टाइल भी करना चाहिए फिर मैंने साड़ी को अलग-अलग तरीके से पहनना शुरू किया."

"मैं जब भी आस-पड़ोस में शादी या त्यौहार के मौके पर जाती थी तो मेरे पड़ोसी मेरे साड़ी बांधने की कला की खूब तारीफ़ करते थे, और तब इस तरह से मेरा रुझान इस ओर बढ़ने लगा और मैंने इसे प्रोफेशन बनाने के बारे में सोचा."

"आज सोचती हूँ तो लगता है कि अच्छा हुआ कि मेरे ससुराल वालों ने मुझे घर पर कुछ और नहीं पहनने दिया क्योंकि आज में जो भी हूँ उनकी ही बदौलत हूँ."

लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने वाली डॉली कहती हैं, "शुरू - शुरू में सब कुछ नामुमकिन था क्योंकि लोगों को लगता था कि साड़ी बांधना और पहनना मेरा शौक है. मैंने अपने पिता से ये बात कही तो उन्होंने मुझसे कहा कि बेटा दुनिया अवार्ड की भाषा को ही समझती है और अगर तुझे अपनी अलग पहचान बनानी है तो पहले अपना नाम और हुनर दुनिया को बताओ."

"ये सुनने के बाद मैं ससुराल में रात को जब सब सो जाया करते थे तब 11 बजे से लेकर सुबह 3 बजे तक पुतले पर रोज़ साड़ी बांधने का प्रयास किया करती थी और जब मैंने एक साड़ी को 80 तरह से बांधना सीख लिया तो लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड वालों को सीडी भेजी. उन्हें मेरा काम अच्छा लगा तब उन्होंने मुझे पुरस्कार दिया"

"इसके साल बाद मैंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा और एक ही साड़ी को 325 अलग-अलग तरह से पहनने और बांधने का नया रिकॉर्ड बनाया और साथ ही एक साड़ी को साढ़े 18 सेकंड में पहनने का रिकॉर्ड भी बनाया.

आज बॉलीवुड की अधिकतर अभिनेत्रियों की पहली पसंद डॉली जैन हैं.

लेकिन क्या डॉली के लिए बॉलीवुड में अपने कदम जमा पाना इतना आसान था?

इस पर डॉली कहती हैं, 'मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि इतने बड़े कलाकारों और लोगों से बुलावा आएगा. मैं बहुत साधारण परिवार से हूँ और मैं सिर्फ आस-पड़ोस और उन्हीं की शादियों में साड़ी बांधा करती थी. मैंने कभी इसे इतनी संजीदगी से नहीं लिया. मेरे एक रिश्तेदार मुंबई में रहते थे उन्होंने मुझे मुंबई बुलाया था और मैंने पहली बार जब श्रीदेवी को देखा अपनी आँखों के सामने तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि मुझे उन्हें साड़ी पहनाने का मौका मिला है."

"साड़ी बांधने के बाद जब उन्होंने कहा कि डॉली तुम्हारी उँगलियों में जादू है तो मुझे उनकी बातों ने इस कदर प्रभावित किया कि मैं वापस घर आते वक़्त यही सोचती रही कि अगर इतना बड़ा इंसान कह रहा है कि तुम्हारी उँगलियों में जादू है तो बस अब दुनिया को जादू दिखाने का टाइम आ गया. श्रीदेवी की कही बात ने मेरी दुनिया पलट दी."

Friday, March 8, 2019

राजस्थान के बीकानेर में वायुसेना का मिग-21 दुर्घटनाग्रस्त, पायलट सुरक्षित

राजस्थान के बीकानेर में भारतीय वायुसेना का मिग-21 विमान हादसे का शिकार हो गया है. गनीमत रही कि इस हादसे में पायलट बाल-बाल बच गया. साथ ही यह विमान रिहायशी इलाके से दूर खेत में गिरा. बताया जा रहा है कि लड़ाकू विमान मिग-21 के गिरने से पहले इसको उड़ा रहे पायलट पैराशूट लेकर कूद गए. फिलहाल, पायलट सुरक्षित बताया जा रहे हैं. यह लड़ाकू विमान बीकानेर के पास गिरा और इसमें आग लग गई.

बताया जा रहा है कि राजस्थान के बीकानेर के नाल एयर बेस से उड़ान भरने के बाद यह विमान एक पक्षी से टकराया और हादसे का शिकार हो गया. हालांकि हादसे की वजह को लेकर अभी तक पूरी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है. मामले की जांच के बाद ही हादसे के कारणों का पता चल पाएगा.

यह पहला मौका नहीं है, जब मिग-21 दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. इससे पहले भी कई बार मिग-21 हादसे का शिकार हो चुका है. इसको लेकर मिग-21 पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. हाल ही में जुलाई 2018 में हिमाचल के कांगड़ा में भी मिग-21 क्रैश हो गया था. इस हादसे में मिग-21 को उड़ा रहे पायलट मीत कुमार की जान चली गई थी.

राजस्थान के बीकानेर में भारतीय वायुसेना का मिग-21 उस समय दुर्घटनाग्रस्त हुआ है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है. 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्द्धमान ने मिग-21 से ही भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान F-16 को मार गिराया था.

आपको बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट घुसकर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर हमला बोला था. इसमें 280 से ज्यादा आतंकियों के मारे जाने की बात कही जा रही है. इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों पर हवाई हमला करने की कोशिश की थी, तो भातीय वायुसेना के लड़ाकू विमान मिग-21 ने मुंहतोड़ जवाब दिया था.

दरअसल, होटल में अर्जुन की मौत हो जाती है और इल्जाम नैना पर लगता है. अमृता सिंह ने सनी की मां का रोल निभाया है. अमिताभ बच्चन प्रॉसिक्यूटर के रोल में हैं, वो नैना का केस टैकल करने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं. अब फिल्म की कहानी का तानाबाना कुछ सवालों में बुनने की कोशिश हुई है. जैसे अर्जुन की अचानक मौत कैसे हुई?  पैसे की मांग करने वाला होटल के रूम पर आता है, मगर पैसे लिए बिना क्यों चला जाता है? अमिताभ का किरदार क्या है? ब्लैकमेलर कौन है? अर्जुन की हत्या किसने की? ऐसे तमाम सवाल जानने के लिए फिल्म देखना होगा. वैसे इसमें सस्पेंस अर्जुन की हत्या से अलग वो चीज है जो फिल्म के टाइटल से जुड़ी हुई है. इंटरवल तक फिल्म में जबरदस्त सस्पेंस है.

फिल्म की कहानी मजबूत है. शुरू से लेकर अंत तक सस्पेंस बनाए रखा गया है. किरदारों को किस समय पर कैसे फिल्म में पेश करना है इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया है. कहानी जिस तरह की है, उसे फिल्माना चुनौतीपूर्ण काम होता है. लेकिन इसके लिए निर्देशन और सम्पादन की तारीफ़ की जानी चाहिए. चूंकि फिल्म तमाम सवालों के जरिए बुनी गई है, इस वजह से एक सवाल का जवाब मिलने पर अगला सवाल फिल्म में दिलचस्पी बनाए रखता है. सीन्स अच्छे बन पड़े हैं. बदला की सबसे अच्छी बात यही है कि ये बोर नहीं करती और अंत तक दिलचस्पी बनाए रखती है.

Wednesday, February 27, 2019

भारत के एयर स्ट्राइक से PAK के बाजार में हाहाकार, 1500 अंक टूटा कराची स्‍टॉक एक्‍सचेंज

बीते मंगलवार को भारत के एयर स्‍ट्राइक की वजह से पाकिस्‍तान के बाजार में हाहाकार मच गया है. बुधवार को जहां भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले तो वहीं पाकिस्‍तान के   कराची स्टॉक एक्सचेंज (केएसई- 100)  इंडेक्स में 1500 अंकों तक की गिरावट देखी गई. कराची का शेयर बाजार पिछले दो दिन में 2000 अंक टूट गया है. इससे पहले मंगलवार को केएसई- 100 इंडेक्स 785.12 अंक यानी 1.98% गिरकर 38,821.67 अंक पर बंद हुआ. 

बीते 14 फरवरी को पुलवामा आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. भारत ने पाकिस्‍तान के खिलाफ आर्थिक मोर्चे पर कई सख्‍त फैसले लिए हैं. इन हालातों में अब तक कराची स्‍टॉक एक्‍सचेंज को 6 फीसदी का नुकसान हुआ है.

पाकिस्‍तानी कारोबारियों के डूबे पैसे

इस गिरावट में पाकिस्‍तानी निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए है. पाकिस्‍तान की आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह गिरावट उनके लिए काफी मुश्किलें बढ़ा सकती हैं.बाजार के जानकारों का कहना है कि पाकिस्‍तान के कारोबारियों का पैसा डूब रहा है और ऐसे में वहां के कारोबारी इमरान खान की सरकार पर शांति बहाली का दबाव बना रहे हैं.

भारतीय बाजार की मजबूत शुरुआत

इससे पहले बुधवार को विदेशी पूंजी के निरंतर निवेश के बीच निवेशकों की खरीददारी से सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा सुधरा जबकि निफ्टी 10,900 अंक के ऊपर चला गया. भारतीय वायुसेना के पाकिस्तान में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कैंपों पर हवाई हमलों के बाद मंगलवार को सेंसेक्स 239.67 अंक गिरकर बंद हुआ था. ब्रोकरों ने कहा कि एशियाई बाजारों में मजबूत रुख के बीच लिवाली और विदेशी पूंजी के निरंतर निवेश से घरेलू शेयर बाजारों में तेजी रही.

गौरतलब है कि बडगाम के पहले राजस्थान के पोखरण में मिग-27 लड़ाकू विमान भी क्रैश हो गया था. उस वक्त यह विमान प्रशिक्षण उड़ान पर था और जैसलमेर से उड़ा था. हालांकि, इस हादसे में पायलट सुरक्षित रूप से विमान से बाहर निकलने में कामयाब रहे थे.

सुषमा ने मंगलवार तड़के भारत के द्वारा की गई एयरस्ट्राइक की जानकारी रूस और चीन के विदेश मंत्रियों को दी. उन्होंने बताया कि पुख्ता इनपुट मिलने के बाद भारत की वायुसेना ने जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी अड्डों के खिलाफ कार्रवाई की, इसमें कई आतंकवादी मारे गए हैं.

आपको बता दें कि चीन और पाकिस्तान की दोस्ती बीते कुछ समय में मजबूत हुई है. ऐसे में चीन को इस विषय पर भी साधना काफी अहम हो जाता है. जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने की भारत की राह में चीन की सबसे बड़ा रोड़ा है.

UNSC की बैठक में चीन कई बार अपनी वीटो पावर का इस्तेमाल कर मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित होने से बचा चुका है. हाल ही में जब पुलवामा आतंकी हमले को लेकर UNSC की बैठक में निंदा प्रस्ताव लाने की बात हुई, तो चीन ने इसमें मसूद अजहर का नाम आने का विरोध किया. काफी मशक्कत के बाद चीन जैश-ए-मोहम्मद का नाम लेने पर राजी हुआ था.

Thursday, February 21, 2019

पुलवामा हमले के बाद प्रधानमंत्री शूटिंग में व्यस्त थे-कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि सीआरपीएफ़ जवानों पर हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी जिम कॉर्बेट गए और एक प्रचार फ़िल्म की शूटिंग में व्यस्त थे.

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ''आतंकी हमले के बाद पीएम ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा नहीं की, क्योंकि सरकारी पैसे से होने वाले योजनाओं का उद्धाटन रुक जाता. पूरे देश के चूल्हे शोक में बुझे थे और गुरुवार को प्रधानमंत्री चाय का आनंद ले रहे थे. इससे ज्यादा अमानवीय व्यवहार नहीं हो सकता.''

सुरजेवाला ने कहा, ''मोदी जी ने तो वक़्त पर बयान भी नहीं दिया. दिनभर कॉर्बेट पार्क का भ्रमण कर रहे थे और प्रचार की शूटिंग कर रहे थे. देश हमारे शहीदों के टुकड़े चुन रहा था और पीएम अपने नारे लगवा रहे थे. ये मैं नहीं पत्रकार तस्वीरों के साथ लिख रहे हैं.''

उन्होंने कहा, ''इस देश का पीएम उग्रवादी हमले के बाद चार घंटे तक शूटिंग करता है चाय नाश्ता करता है,उसके बारे में क्या कहना चाहिए. इतना ही नहीं 16 फरवरी को शहीदों के ताबूत एयरपोर्ट पर थे और वो एक घंटे देर पहुंचे.''

''शहीदों के जनाज़े में इनके मंत्री साक्षी महाराज वोट मांगते हैं, पर्यटन मंत्री 'सेल्फी विद डेड बॉडी' लेते हैं. इससे शर्मनाक और क्या होगा, यही पीएम और उनके मंत्रियों का आचरण है.''

कांग्रेस के मोदी सरकार से पांच सवाल

1.प्रधानमंत्री जी आप भारतीय सुरक्षा सलाहकार, गृह मंत्री और खुफ़िया तंत्र की विफलता की ज़िम्मेदारी स्वीकार क्यों नहीं करते.

2.आतंकियों को विस्फोटक और लॉन्चर कैसे मिले, बाहर से देश में ये कैसे आ सकते हैं? ऐसी कार को जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर प्रवेश की अनुमति कैसे मिली?

3.पुलवामा हमले के ठीक 48 घंटे पहले जैश-ए-मोहम्मद का एक धमकी भरा वीडियो सरकार ने क्यों नज़रअंदाज़ किया.

4.सीआरपीएफ और बीएसएफ़ के हवाई यात्रा के आवेदन को मोदी सरकार और गृहमंत्रालय ने क्यों ठुकरा दिया.

5.मोदी सरकार के 56 महीनों में हमारे 488 जवान मारे गए, ऐसा क्यों हुआ? आखिर नोटबंदी का असर क्यों नहीं हुआ?

आज देश गहरे सदमे से गुज़र रहा है, शहीदों की यादें बिन-बिन कर चुन रहा है. लेकिन मोदी जी दक्षिम कोरिया सैर-सपाटे के लिए पहुंच गए हैं. ये मोदी सरकार की गलत प्राथमिकताओं को दर्शाता है.

Monday, January 28, 2019

व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और मैसेन्जर को एक करेगा फ़ेसबुक

फेसबुक इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप और मैसेन्जर पर अपनी मेसेज सेवा को एक साथ लाने के बारे में विचार कर रहा है.

ये तीनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अलग-अलग मोबाइल ऐप के रूप में काम करते रहेंगे, लेकिन इन तीनों को इस तरह से जोड़ दिया जाएगा कि एक प्लेटफॉर्म से दूसरे पर मैसेज आसानी से भेजा जा सके.

फ़ेसबुक ने बीबीसी को बताया है कि ये एक "लंबी प्रक्रिया" की शुरुआत है.

फ़ेसबुक की इस योजना के बारे में सबसे पहले न्यूयॉर्क टाइम्स ने ख़बर दी थी और माना ये जा रहा था कि इस योजना में कंपनी के संस्थापक मार्क ज़करबर्ग की दिलचस्पी है.

अगर ये योजना सफल हो पाई तो फेसबुक पर मौजूद कोई व्यक्ति किसी दूसरे के व्हाट्सऐप पर संदेश भेज सकेगा. फिलहाल ऐसा करना नामुमकिन है क्योंकि ये तीनों ऐप अलग-अलग काम करते हैं और इनकी कोई साझा ज़मीन नहीं है.

न्यूयॉर्क टाइम्स की ख़बर के अनुसार इन तीनों को साथ में लाने का काम शुरु किया जा चुका है और उम्मीद की जा रही है कि इस साल के आख़िर तक या फिर 2020 की शुरुआत में इसे पूरा कर लिया जाएगा.

बताया जा रहा है कि मार्क ज़करबर्ग इन तीनों को साथ में इसलिए लाना चाहते हैं क्योंकि लोगों के लिए इनकी उपयोगिता बढ़े और इन प्लेटफॉर्म पर लोग अपना अधिक वक्त गुज़ार सकें.

योजना क्या है और कितनी अहम है

टेक वेबसाइट द वर्ज की मकेना केली के अनुसार अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर मौजूद अपने सभी यूज़र्स को एक साथ लाने से कंपनी के कुल यूज़र्स का आंकड़ा तो बढ़ेगा ही, साथ ही गूगल और ऐप्पल की मैसेज सेवा से मुकाबला करने की उसकी तैयारी भी बेहतर होगी.

एक बयान में फेसबुक ने कहा है, "हम मैसेज सेवा में यूज़र्स को बेहतर अनुभव देना चाहते हैं ताकि लोग जल्दी, सरलता के साथ और अपनी निजता बनाए रखते हुए एक-दूसरे से संपर्क कर सकें."

कंपनी का कहना है, "हम अपनी मैसेज सेवाओं में एन्ड-टू-एन्ड एन्क्रिप्शन भी ला रहे हैं और कोशिश कर रहे हैं कि लोग अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से संपर्क में रह सकें. "

कंपनी का कहना है कि ये व्यवस्था किस तरह काम करेगी इसे लेकर "चर्चा और बहस" का दौर अभी जारी है.

इन तीनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आपस में जोड़ना फ़ेसबुक के लिए अपने आप में बड़ा बदलाव है क्योंकि अब तक कंपनी ने इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप को अपने-अपने यूज़र्स के लिए स्वतंत्र रूप से काम करने दिया है.

न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार ज़करबर्ग के इस फ़ैसले से कंपनी के भीतर एक "तनाव की स्थिति" बन गई है. बीते साल इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के संस्थापकों के कंपनी छोड़ने के पीछे यही वजह थी.

ये योजना ऐसे वक्त सामने आई है जब फ़ेसबुक की अपने यूज़र्स का डेटा इस्तेमाल करने और उसकी रक्षा करने को लेकर आलोचना हुई है और इस संबंध में जांच भी चल रही है.

लेकिन, मोटे तौर पर देखें तो यूज़र्स के डेटा को आपस में जोड़ने की योजना को लेकर नियामक एक बार फिर ये सवाल उठा सकते हैं कि कंपनी अपने यूज़र्स की निजता किस प्रकार बनाए रखती है.

ब्रिटेन के सूचना आयुक्त पहले इसकी जांच कर रहे हैं कि व्हाट्सएप और फ़ेसबुक अपने यूज़र्स का कितना डेटा आपस में साझा करते हैं.